प्राचीन भारत का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास | Prachin Bharat Ka Rajnitik And Sanskritik Itiyash

Prachin Bharat Ka Rajnitik And Sanskritik Itiyash  by हरिदत्त वेदालंकार - Haridatt Vedalankar

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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फूलक-१ फलक-२ फलक-रे फलक- ४ फूलक- ५ फलक-६ फलक-७ फलक-प फलक-€६ फलक-१० फलक-र है फलक-१२ प्टलक-१ ३ चित्र-सूची साया का स्वप्न भारहुत स्तूप दूसरी श० ई० पू० पृ० ४५४ जेतबन का दान भारहुत स्तूप दूसरी झा० ई० पूठ पृ० ४५४ बुद्ध की उपासना मारहुत स्तूप दूसरी श० ई० प० पृ० ४५४ इसमें बुद्ध की मानवीय मूर्ति के स्थान पर उनको धर्मंचक़ के प्रतीक क्रेरूप में अंकित किया गया है। बुद्ध की उपासना मारहुत स्तूप दूसरी दा० ई० पृ० ४५४ इसमें बुद्ध को बोचि वृक्ष के प्रतीक के रूप में अकित किया गया है । साँची का उत्तरी तोरण दूसरी श० ई० पु० पु० ४६३ महाराजाधिराज कनिष्क की शीषंहीन नामाकित प्रतिमा पहली झ० ई० पु० मथुरा सग्रहाय पृ० ४६७ अमरावती के स्तूप का एक दृश्य पृ० ४८४ नलगिरि नामक मत्त हाथी का दमन अमरावती स्तूप पृ० ४८४-४ कनिष्क की घातु भजूषा ब्रह्मा और गुक़ के साथ प्रमामडल युक्त बुद्ध पेशावर पहली दा० ई० पू० ५०७ बुद्ध का महापरिनिर्वाण गघार झशेली लोरिया तगई पृ० ५०६ बोधिसत्व की खड़ी मूतिं गघार शैली ५० ५०६ गघार शैली की बुद्ध की पद्मासनस्थ सूतिं तख्ते बाही पृ० ५०६ क्लें का गुह्दा चेत्यस्तुप तथा अलंकुत स्तम्भ पृ० ४७४ फलक-१४ भाजा गुद्दा का अलंकुत द्वारमुख पृ० ४७१




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