(मानव शरीर रहस्यों भाग 1 | Manva-sharir-rahsya Bhag 1
श्रेणी : आयुर्वेद / Ayurveda

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Add Infomation About. Dr Mukund Swarup Verma
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9.38 MB
कुल पष्ठ :
358
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(५ (१
पचिन्न-सुचीः
झ्ंड नंबर चित्र-धिवरण पृष्ठ-लंख्या
र (रंगीन) , मानच-शरीर का आंतरिक दृश्य। |
९ (रंगीत) | जिकास्थि, वस्ति की ओर का पूछ । |
च्द | जाजुसंधि की आंतरिक रचना | ६९.
भ् । स्क्रंघ-सखंधि का परिच्छेद । |
(रंगीन) हृदय का एवं यूछ । 'शु हू
६ (रंगीन) हृदय का पश्चिम प्र । ' गे
७ (रंगीन) ' हृदय, फुरफुसख. श्वास-नलिका, बद्ददू
| घमनी और उसकी मुख्य शाखाएं ;
महाशिरा 1 शुरू
हृदय के कपाट वंद अवस्था में । [रियर
रक़ के लाल और श्वेत कण ।
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द्० मेढ़क के रक़कण । घर
श्श पक्काशय, अग्न्याशय, ज्लीदा इत्यादि । २१३
श्द् | ामाशय, पक्काशय इत्यादि । रिद०
रद ्ामाशय का भीतरी डघ्य । ऊपर की
सित्ति काट दी गई है । २२१
8 | पक्काशय और अग्न्याशय इत्यादि |. [रस
र्् पक्काशय, अग्न्याशय, घीहा इत्यादि । [२२३
श््् न झामाशय के दशियांश भाग का परिच्छेद ९६
द्७ | उदर की सामने की पेशी इत्यादि | .
काटकर अंजियों और उनको झ्राच्छा- |.
दित करनेवाली कला दिखाइ गई है। [२९३
श् | पक्षाशय की आंतरिक रचना । २२४
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