भजन - संग्रह भाग ३ | Bhajan Sangrah Bhag 3

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2.56 MB
कुल पष्ठ :
258
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(९ )
मजन पृष्ठ-संख्या
जाग जाग जो सुमिरन करे (नाम ) ११२
ज्यों त्यों राम नाम ही तारे (, ) १०८
तेरी गति किनहूँ न जानी दो... ( महिमा ) ११४नैनों लख लेनी साई ( गुरु-महिमा ) १०३
बाबा काया नगर बसावों ( बेदान्त ) १०४
भया दरि रस पी मतवारा (नाम ) ११०सिलि गावो रे साधो यह बसंत (५ 2) १११
मुकुद लटक अठकी मनमाहीं ... ( लीला ) ११३
सखी री आज आर्नेद देव बधाई ( गुरू-महिसा ) 1 ०१
सठ तजि नाँव जगत सैँग राचो... ( नाम ) १०९,
साधो भौसागरके मार्दि ( चेतावनी ) ११९साधों मन मायाके संग (+ . रैए०
सुमिर-सुमिर नर उतरों पार (1; .) रै१७
हम बालक तुम माय हमारी... ( प्राथना ) 2१५
हमरे औषध नाँव घनीका (नाम ) १०६
हमारे गुरु पूरन दातार ( गुरुममहिमा ) १००
हमारे गुरु बचननकी टेक ( ; ग्रे रै०र२
हरि हर जप लेनी ( चेतावनी ) १२१दरि बिनु तेरो ना दितू (, ्र१र२२
User Reviews
No Reviews | Add Yours...