जाति - विज्ञान का आधार | Jati Vigyan Ka Aadhar
श्रेणी : भारत / India, सभ्यता एवं संस्कृति / Cultural

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
184.45 MB
कुल पष्ठ :
380
श्रेणी :
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जी. आर. गेयर - G. R. Geyar
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विनोदचंद्र मिश्र - Vinodchandra Mishr
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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हु. 'द्री१०८.ह. श८ >कारकों की संख्या अनेक होने पर स्थिति की साधारण व्यास्या कदो आकार के कारकों ने संबन्धित सूत्र की व्याख्याशकएवर्डीन ऐंगस तथा हेयरफोर्ड के संकरण से उत्पन्न बाह्य समरूपों
तथा समपित्यकों की विभिन्नता
ऐटलॉटिक तथा नाडिक के संकरण से संबद्ध उदाहरण'बटिदा गायों में दूध उत्पादन का वंशानुर्गत आधार
घ्वेत जाँखोंबाले पौमेस मक्खी के नर का लाल आँखोंवाली मादा सेसंकरण
बार्ड राक मुर्गा तथा ब्लैक आर पिंगटन मुर्गी का संकरण
प पिश्यसूत्र द्वारा लिंगग्रथित जुड़े हुए अंगूठे की पि्नागति
पैमेंस मक्खी में ग्रथन का उदाहरण ०पौमेस सक्खी में संकरण द्वारा ग्रथन की परीक्षाग्रथन के लिए तृत्संकरण छवारा. परीक्षाव्यत्यसन की. कार्यप्रणाली. ड्रोसोफीला में रंग की पित्रागति मद.
. एक असामान्यता के लिए उत्परिवर्तन की जननिक पित्रागति
यूरोप के शाही कुों में अधिरक्त-ख्राव
'अधिरक्त-साव के पोषण का दूसरा उदाहरणछोटे कद का वंशानुगत आधार
लम्बे कद का बंशानुगत आधारहाथ की बनावट के बंशानुगत गुण की सिद्ध करते हुए हथेली के
उभरे भाग का वंशक्रम कक, कह “पद डरविरल एड़ी के नमूने की पित्रागति का वंशर्कमहथेली के बायें उँचे भाग पर घूँसे के उभरे भाग के चक्र की पित्रागति
. का बंदाक्रम लक ई कि
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