हमारा इतिहास | Hamara Itihas

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Hamara Itihas by अमृत कुमार - Amrit kumarनरेन्द्र भानावत - Narendra Bhanawat

लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :

अमृत कुमार - Amrit kumar

No Information available about अमृत कुमार - Amrit kumar

Add Infomation AboutAmrit kumar

नरेन्द्र भानावत - Narendra Bhanawat

No Information available about नरेन्द्र भानावत - Narendra Bhanawat

Add Infomation AboutNarendra Bhanawat

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
श्री वींतरागाय नम' हमास इतिहास प्रकरख-पहला इतिहास क्या है इतिहास श्रपने युग का प्रतिनिधि होता है ! वह श्रतीत की स्मृतियो को वर्तमान मे प्रस्तुत करता है ! ;उसे न तो किसी के प्रति मोह होता है श्रौर न किसी के प्रति घृणा होती है । जो जेसा हे उसे उसी रूप मे प्रस्तुत करना इतिहास का सुस्य काय हूं. इतिहास शब्द का “ऐसा, हो था” यह, श्रथ॑ इसीलिए युक्ति सगत माना- गया हे ! श्रतीत की कड्यो को हमारे जोवन के साथ जोड़ना ही इतिहास का सुख्य उद्दद्य हे । श्राज हमारे जीवन मे जो भी ज्ञान-विज्ञान:आदि के सद्गयुण पाये जाते हैं वे सब श्रतीत के महंभुरुषी की ही श्रनुपम देन है । पूर्वज पुरुषे के श्राचार- चिचारशसैंस्कार तथा सद्युणो से ही हमारे जीवन को उन्नति .की प्रेरणा.सिलती हे । _ संस्कार परम्परा की यह कडी युगो-युगो से हमोर् पीढी को एक दूसरे के, साथ जोडतो चली झ्रा रही हे। एक रम्परा का ज्ञान मनुप्य को भविष्य निर्माण की




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now