जैन तत्त्वादर्श | Jain Tatwadarsh

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
शेयर जरूर करें
Jain Tatwadarsh by श्री आत्माराम जी - Sri Aatmaram Ji
लेखक :
पुस्तक का साइज़ :
14 MB
कुल पृष्ठ :
592
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |

यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटी है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं |

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

श्री आत्माराम जी - Sri Aatmaram Ji के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
(४)विषय पृष्ठ ५. जिनमंदिर का निर्माण * ३५१९ ६. जिनप्रतिमा का निमाण है ७. प्रतिमा की प्रातिष्ठा ३४८ ८. परदीक्षा ' ३४९, . तत्पद्स्थापना ३७२ १०, पुस्तकलेखन ३४९ ११. पौषधद्याला का निमाण इ१० १२. ज्ञीबन पयेन्त सम्यक्त्वद्दान का पालन. ३४१ १३. जीवन पयेन्त ब्रतादि का पालन ३५९२४. आत्मदीत्ता --भाव श्रावक ३५९१४. आरम्भ का त्याग... ३४७४ १६, ज्ञीवन प्यन्त ब्रह्मचये ३५४ १७, ग्यारह प्रतिमा _ ३४७४ सलेखना ३५६१८. आराधना के दस मेद्‌ ३५७एकादश परिच्छेद डेजेनमत सम्बन्धी झ्रांतियां “३५८ वादा ५९कुछकर और उन की नीति... देर




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :