समता : दर्शन और व्यवहार | Samta: Darshan Aur Vyavhar
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
212
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषयाचुक्रम प्र्ष्ठ
७: परमात्म-दलन के समतापू्ण लक्ष्य तक 8७यह कायरता कंसे मिटे ?पर कहाँ-कहाँ कच्चे हैं और क्यों ?
तीसरे के बाद यह चौथा सोपान
समता इन्सान और भगवान् कोयह कमंण्यता का मार्ग हैगुर्णों के स्थानों को पहिचानें और आगे बढें
जितनी विषमता कटे, उतने गुण बढ
परम त्म स्वरूप को दार्शनिक भूमिका
त्याग : जीवन विकास का मूछ
परम पद की ओर गति“'अप्पा सो परमप्पा”समता का सर्वोच्च रूपसाध्य निरन्तर सम्मुख रहे ।८! समता :. व्यवहार के थपेड़ों में ११३व्यवहार के प्रबल थपेडेस्वहित की आरभिक सज्ञास्वहिंत के सही मोड की बाघाएं
समता का दुर्दान्त शत्रु-स्वार्थ
नियत्रण की दुघारी चाहिये
सामाजिक नियत्रण की प्राथमिकता
सामाजिक नियत्रण का साध्य हो ?
आत्म-निपत्रण की दिशा मेआत्म नियत्रण का व्यवहा रिक पहलू
व्यवहार मे थपेडे आवष्यक हैं
व्यवहार के थपेडों मे समता को कहानी

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