समता दर्शन ओर व्यवहार | Samta Darshan Or Vyavhar

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Samta Darshan Or Vyavhar  by नानालाल जी महाराज - Nanalal Ji Maharaj

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विषयानुक्रम पृष्ठ १८. भावात्मक एकता १६. जनतंत्र वास्तविक बनें २०. ग्राम से विश्वचर्म २१. समता पर आधारित समाज आचरण कौ साघना के तीन चरण-- समतावादी, समनाघारी समदर्शी समतावादी कौ पहली श्रणी सक्रिय सो समताचारी साधक की सर्वोच्च सीढ़ी-- समतादर्शी साधुत्व तक पहुँचानेवाली ये तीन श्रेणियाँ ০: सप्रता-समाज की संक्षिप्त रूपरेखा १४७ समता समाज क्यो? समता समाज का कार्यक्षेत्र - समाज के उन्नायक उद्द श्य समता समाज किनका? समाज कौ सदस्यता केसे मिले? समाज का सुगठित संचालन गृहस्थ इस समाज के आदि संचालक समाज के प्रति साधुओं का रूख समाज के विस्तार की योजना समाज दीपक का कार्य करे यह्‌ एकनिष्ठ प्रयास कसा ? मूल लक्ष्य को पग॒ पग॒ पर याद रखें व्यक्ति का विकास और समाज का सुधार




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