द्वादश चरित्र संग्रह | Dvadas Charitr Sangrah

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Dvadas Charitr Sangrah by सज्जनसिंह मेहता - Sajjansingh Mehta

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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इनके साथ अर्थ सहयोग में सहभागी हैं नोखामंडी के उदारमना श्री शान्तिलालजी, राजेन्द्र प्रसाद जी बैद) आपके पूज्य पिताजी स्वर्गीय श्री सोहनलालजी बैद धर्मनिष्ठ सुश्रावक थे। आप बचपन से ही धार्मिक क्रियाओं में जागरूक थे। आचार्य श्री नानेश के नोखामंडी चाहुर्मास से प्रतिदिन पांच सामायिक सहित आजीवन चौबिहार के नियम ग्रहण किये एवं शीलब्रत अंगीकृंत किया। वर्षों से पांचों तिथियों के हरी के प्रत्याख्यान धारक श्री बैदजी ने 50 वर्ष की आयु में व्यापार से निदृत्ति लेकर धार्मिक साधना में समय व्यतीत किया। आपका जीवन सच्चे अर्थों में समताधारी था। आपके अग्रज श्री मोहनलालजी सा. व अनुज श्री सुगनचन्दजी सा. बैद धर्मपरायण एवं श्रद्धानिष्ठ श्रावक हैं। आपकी धर्मपत्नी श्रीमती सुरजा देवी भी आदर्श श्राविका हैं। आप दोनों के सदु संस्कार आपके सुपुत्र दय तथा चारों सुपुत्रियों- श्रीमती पुष्पा देवी, मंजू देवी, सणेज देवी, सुशीला देवी में भी स्पष्टत: देखे जा सकते हैं। श्री राजेन्द्र प्रसाद जी सामाजिक, धार्मिक गतिविधियों में प्रमुखता से भाग लेते हैं। आपका पूछ परिवार आचार्य श्री जी एवं युवाचार्य श्री जी के प्रति पूर्ण समर्पित एवं निष्ठावान है। प्रस्तुत पुस्तक के प्रकाशन में अर्थ सहभागिता प्रदान कर संदू साहित्य के प्रकाशन में अमूल्य सहयोग के लिए संघ दोनों परिवासें के प्रति आभास हैं। बैद बन्घुओं का पत्ता इस प्रकार है- *नानेश छाया” श्री सोहनलालजी शान्तिलालंजी बैद संघ बिल्डिंग के पास मोटी चौक के पास जडकस चौंक, महा, नोखा (बीकानेर) 334803 नागपुर-44 0002 फोन : 720544, 720771 - घनसज बेताला




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