समता पर्यूषण पर्वाराधना | Samta Paryooshan Parvaradhna

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Book Image : समता पर्यूषण  पर्वाराधना  - Samta Paryooshan Parvaradhna
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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एटा] 06श1॥1 15 181 0016. अच्छा आरम्भ आधी सफलता हैआज प्रथम दिवस के पावन अवसर पर हमे अन्तर मन को जागृत करना हे, यदि प्रारम्भ अच्छा हे, तो कार्य मे अवश्य सफलता मिलेगी |क्या करै-इन आठ दिवसो मे हमे अपना जीवन संयमित एव धार्मिक विचारो से परिपूर्ण बनाने का प्रयत्न करना हे, साधना के पथ पर आगे बढना हे । आठों दिवस तक चारो स्कन्धो का पालन आवश्यक हे | जो व्यक्ति वर्ष भर अपना जीवन त्याग मार्ग पर नही लगा पाते है उन्हे कम से कम इन आठ दिनो तक तो अवश्य त्यागमय जीवन व्यतीत करना चाहिये |चार स्कन्ध इस प्रकार है-1. रात्रि भोजन का सर्वथा त्याग अर्थात्‌ चोविहार (चारो आहार) का त्याग करना चाहिये |2 वनस्पति का पूर्ण त्याग- हरे फलो व सब्जियो का उपयोग नही करे |3 सचित्त वस्तु का त्याग- किसी भी प्रकार की सचित्त वस्तु जैसे- कच्चा पानी आदि का उपयोग नही करे |4. ब्रह्मचर्य का पालन- आठो दिवस पूर्ण ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करे |उपरोक्त त्यागो के साथ इन दिनों में कषायों को शान्त करने का प्रयत्न करे, स्वाध्याय करे, चिन्तन-मनन करे, तप करे , अटारह प्रकार के पापो से वंचित होने का प्रयास करे, पूर्वके की आलोचना एव यदि किसी से वेमनस्य हुआ हो तो |আমলা पर्युषण पर्दाराधना




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