जहाँगीरनामा | Jahangiranama

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Jahangiranama by मुंशी देवीप्रसाद - Munshi Deviprasad

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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२ जह्न॑ंगोरनासा । लिखा या लिखाया इ्मा नहीं था । पोथो अधुरो थो शाइजडांके समयमें सिर्जा डादौ(१) ने पिछला छाल संक्षिप्त रोतिसे लिखकर पूरो की । इस पोथौकौ भ्रूसिका भी उसो मिर्जा हा दौकी लिखोइई है । उसमें जद्चांगोरके बादशाद चोनेसे पहलेका छाल है । अपना रोजनासचा आप लिखनेको चाल जह्चांगोरके घरानेमें < पौढ़ो पद्लैसे चलो थो । असौर तैसूर साइिबकिरां जहांगोर का आठवीं पीढ़ीमें दादा था । उसने अपनी दिनचर्य्यां जन्मकालसे मरण पय्यन्त लिखकर अपने सिरहाने छोड़ो थो। वच्च तुर्कीभाषा में है। उसका अलुवाद फारसो और उददूमें भी छोगया है। उसका नाम तुज्ुकतैस्ूरो है । दूसरो दिनचय्था बाबर बादशाछको है जो तुजुकबावरो और वाकआत बाबरौके नामस प्रसिड है । बाबर जद्ांगोरका परदादा था। उसका तुजुक भो तुर्कीभाषामें है । उसके फारसौमें दो अनु- वाद हुए हैं एक इईदानमें सौलाना जैलुद्दोन खवाफोने किया और दूसरा हिन्दुस्थानमें सिर अबदुरह्ोम खानखानांने किया । तौसरो दिनचय्था यछ् जड्टांगोद बादशाकइको है। इसका ठड़ः तुन्नक बाबरीसे बहुत मिलता ज्ुलता है। इंतिद्ासके सिवा विद्या विज्ञान खगोल भूगोल काव्य कला राजनोति और लौकिक रोति , ० ! आदि दूसरी दूसरी 'उपयोगो बातें जैसी बाबरके तुजुकमें हैं वैसोछ्ो वरझ उससे भी बढ़कर जंह्दांगौरके तुजुकमें हैं। कारण यह कि छिन्दुओंकौ धघमस्म्नोति चालढाल आचार व्यवहार तथा मारतको दशौति भांति और प्रजतिसे, अपने परदादाको अपेक्षा जद्दांगीर अधिक जानकार छोगया था। इसोसे उसने इन सब बातोंका वणन यथा प्रसक बावरसे अच्छा किया है। (१ पिछला दाल जो मिरजाहादौने लिखकर लगाया है “इक- बाल नामये 'जह्ंगौरी” से लिया छुआ, जान पड़ता है। इकबाल- नासा भी मोतमिद्खां बण्दशोने शाइज हांके समयमें पूरा किया था !




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