गुजराती हिन्दी शब्दकोष | Gujrati Hindi Shabdakosh

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Add Infomation AboutGaneshdatt Sharma Gaur
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
30 MB
कुल पष्ठ :
1085
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)थ दा
नह स्तर,बच पल ५ १ चि. ध बच बल धान पे पल कल हे चह५
लच्लाश्व्महणपूु (कि.) घबरा देना, थका | न्अ४व ( सं. ) बाद्धि, समझ, जिहन,देना, था दिक करना. ल् बोध, ज्ञान [ बांकासडणावु' ( कि. ) थक. जाना, | अ&५११०८ (वि. ) अलनेला, रंगीसाघबरा जाना, दिक हो जाना ।... | खशक्षभ६ ( वि.) अड्मन्द,सडणिव ( गु. सं. ) गूढ, गुप्त बुद्धिमान,भर ( सं. ) बड़ा आदम|मी, भला | सम टंशियारी ( सं. ) कुशल
मानस बुद्धि, राजी खुशी से।ब्महार, ( गु, से. ) अकारण व्यर्थ, | शद् ( सं. ) पांसा,ब्मरेप ( गु. सं. ) बे फायदा, न म्यक्षे। ( सं. ) छिलके. सहित
नाहक, फलद्दीन । चांवल, धान,ब्१४३ ( वि. ) अरोचक, नापसंदोदा। सक्षय ( वि. ) बेहद, अनन्तभडाधरिष्ठ ( वि. ) असामयिक, | कर दे ) हुर्फ, अक्षर, ब्रह्म,
कुसमय । [ काल । | शक्षरेगाशित ( सं. ) बीजगाणित,स्यहल ( वि. ) असमय, अग्राप्त- |. एलजबरा ।्१८।ण भ्रूत्थु ( से. ) बेमीत, असा- | सदर साक्षर ( कि. वि. ) दर्फ दमायक मृत्यु | | हफ, अक्षर, अक्षर, शब्द्या' ।
अर ( से. ) संगे सुलेमानी, एक ! सकशि ( सं. ) अश्षांश ।
श्रकार का सूल्यवान पत्थर | समक्ष ( सं. ) नेत्र, आंख, नयन.
तति 3 । ब थ
णीतिं ( सं. ) निन््दा, । ष इ-डित ( वि. ) सम्पूर्ण, प्रा,
स्यूप्य ( से, ) स्वर्ण “टटथार (सं.) , अविभाजित |
समुद्र ( कुलकां | >भडनीव (वि.) संपूर्ण, अखण्टनाय।स्मड्ुधीन ( वि. ) अकूठान, नोच
ब्मडपा ( सं. ) अवकृपा, नाराज ।
शेड ( कि. वि. ) एक के बाद , गे १५ (वि. ) अकाव्य, जा खंडनएक । ... न्किया जा सके । [खबर, सन्देश ।
नमी, ( से. ) कान को बाली । । भार ( से ) सम्बाद, समाचार
स्ल्थन ( वि. ) दन, गरीब । _ भत्थार ( से. ) भषिकार, जार। रभदसे।श (जय ( सं. ) सदासुहाग,
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