नय - दर्पण भाग - 1-2 | Nay - Darpan Bhag - 1-2
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
17 MB
कुल पष्ठ :
656
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषय-सूचीश पपात थ एका त'-१ पक्षपातं का विप १
२ वचनो में जन्तरग भावोकी ४
क्षलवंदे पक्षपात का कारण ६
४ कुछ शरीर भी है ७
५ वैनानिक् वनं `
६ झगम में सब कुछ नही १०
७ कोई भी मत सबथा झूठ नहीं १३
८ श्रनेकान्तवाद वाजम १६
२» श््द् यक्ञान सम्बन्ध१ पटने का प्रयोजन श्राति १८
२ प्रत्यक्ष वे परोक्ष नान १६
५ प्रतिविम्ब व चित्रेण ०य्
४ श की श्रसमथता २४५ वस्तुको खण्डित करके २७
प्रतिपादन की पद्धति३ वस्तु व ज्ञान सम्बन्घ--पृ अन्पनता कौ वाघत्ता पक्ष ३ष्
प्रात व एवात> वस्तुजनेवागी हू ३६+ विश्लेपण दारा पराक्षज्ान ३६
४ परोसचान का चानपना ४२
= कुछ शदा वे लक्षण थ[न य [तर विषय पूष [४ प्रमाण व नय -१ श्रम्यास बरने की प्रेरणा
२ अ्खडित नान का झथ४ सम्यद्ध व सिथ्याज्ञान -
१ नय प्रयाग का प्रयोजन४७
४६५६२ सशयादि व उसका कारण ५७
अखंड चित्रण का तभाव
३ सम्यक्व मिथ्यानानके ५६
लक्षण
४ आगम ज्ञान मे सम्यकब ६०
मिथ्यापना
भू प्रत्यक्ष ज्ञान में सम्यक व ६१
मिथ्यापना
६ सम्पस्तान में अनुभव वा. ६४
स्थान
७ काल्पनिक चिल्॑ण सम्यग्तान ६६
नही
८ झागम की सत्यायता दण
६ चनी वे सानिघ्य क्म ६६
¡ मम्यग्नानेप्राप्तिमें स्यान
१० वस्तु पढने का उपाय ७०
११ कुछ लक्षण ८०६ द्रय सामान्य -
१ नयों को जानने वा प्रयोजन ५४
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