भेद ज्ञान | Bhed Gyan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
12 MB
कुल पष्ठ :
380
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)थी परम्गत्मले नमः {छः श्री भगवद्धात्मने नमः
श्री परम पारणापिक भावाय नमः
श्री
०
मद् ज्ञान
मङ्गलाचरणम्
अभिवंध शिरसा अपुनर्भवकारणं महावीरं ।
तेषा पदाथ भङ्ग मामे मोक्षस्य चक््यामि ॥
अन्वयाथे-- ( अपुनभवकारण ) मेोक्षके कारण भूत
( महावीरे ) बद्धमान तीथकर मगवानको ( जिरसा ) मस्तकद्वारा
( अमिवंद्य ) नमस्कार करके ८ मो्षस्यमाग >) माक्षके मागे अर्थात
कारण स्वरुप ८ तेषां ) उनषडद्रव्योके ( पदार्थं भङ्ग ) नव॒ पदाभेरूप
भेदको ( वक्ष्यामि ) कुगा \
वर्तमान पंचम कार्मे अगवान परम भद्रक देवाचिदव श्री
वद्धेमान स्वामीका शासन चलता हैं । क्योंकि वह धर्म तीर्थके
करता हैं । उनको भक्ति पूर्वक वंदन करके मै मोक्ष मारीके साधन
भूत॒ “ भेद ज्ञान का स्वस्प कहुंगा ।
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