अग्नि पथ | Agani Path

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Book Image : अग्नि पथ  - Agani Path
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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हाय क्यो वि? ५तुमसे शादी नही कर सकता ।'' ओौर यद्‌ कहते-कहते उमा खिला- खिलाकर हंस पडी ।भे उससे नही, अपने माता-पिता से कहूगा कि वह्‌ लडकी मुसे पसद नहीं है 1“हाँ, यह ठीक है । तो अब मैं जाऊं ? जीजी ढूँढ रही होगी मुझे । बडी देर हो गई ।” और वह चलने लगी ।पर युवक ने उसका रास्ता रोकते हुए व्यग्रता से पूछा--“तुमने मुझे तो वचनवद्ध कर लिया पर अपनी वात भी तोकहो । 3)मै? मै वया कहू, मेने तो तुम्हे अपना पति मान लिया त 1 2)“तुमने तो मान लिया, पर तुम्हारे माता-पिता नही मानेगे तव 2“उन्हें मानना पड़ेगा । मैं कह दूंगी कि मै जीजी के देवर जी से शादी करूँगी और किसी से नही ।”युवक को मानो अव भी विश्वास नही हो रहा था । उसने हिम्मत करके हौते से उसका हाथ अपने हाथ मे लेने का प्रयत्न किया और कहा--“उमा ! तुम अपनी वात पर टट रह सकोगी ? तुम्हारा वादा पवका है?“हाजी हां, पक्का । वित्वुल पक्का 1 वेया तुम्हे विश्वास नही होता ?“होता है 1”




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