कथाकुसुमवलि | Kathakusumavali

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Kathakusumavali by नेमिनाथ - Neminath

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१ र्‌ , श१५कथाकुतुमावलेः पृष्यवर्धिका ।पाठः|अकुतोमयो हि महावीरः ।उपकारः प्रत्युपकारेण प्रत्यपयितभ्यः ।बालहठ: ।नेमिवेराग्यम्‌ ।अतिलोभो विनाशाय 1 निशाकान्तः ।दानस्य मघरथघ्य । मृणयानिवृत्त्य गंघवराजस्य | काञ्चनमयः पुरुष: । मुहु्तराज: ।भ्रातृष्नेह राञ्यटोमोऽतिवतते । {प्रणामन्तः सतां कपिः । सूयाप्त 4खववुदायोः ।पितापुत्राणां यदम्‌ रक्ष्मीस्मावः ।साधु, सामद्र ? साघु |प्ृष्ठाइका:१ध९१२ १६३ २० २२ २६ ३० २४ २३९ ४२ ५ ५५०. ५१ ५५४ ५८ ६१




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