कथा कुसुमा वलिः | Katha Kusuma Vali

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
शेयर जरूर करें
Katha Kusuma Vali  by नेमिनाथ - Neminath

एक विचार :

एक विचार :

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

नेमिनाथ - Neminath के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
१ र्‌ হ ४१५कथाकुसुमावल्लेः पृष्पदन्निका ।पाठः|अकुतोमयो हि महावीरः ।उपकारः प्रत्युपकारेण प्रत्यपयितभ्यः ।बालहठ: ।नेमिवेराग्यम्‌ ।अतिलोभो विनाशाय 4 विशाकान्तः ।दानस्य मघरथघ्य । मृगयानिवृत्तस्य गंधवराजस्य | काञ्चनमयः पुरषः । मुहृतराज: ।श्रातृस्नेह राज्यलोभोडतिबर्तते | {प्रणामन्तः सतां कपिः | सूयाप्त १लबकुशयोः ।पितापुत्राणां युद्म्‌ लक्ष्मीस्रभाव: |साधु, सामद्र ? साघु |पृरष्ठाइकाः #१ध९१२ १५ २०. २२ २६ ३० २४ २३९ ४२ ५ ५५०. ५१ ५५४ ५८ ६१




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :