भिक्खु दृष्टान्त | Bhikhu Drishtant

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
156
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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८५दसाघु रो श्राचारः वताया सू केड निन्दा जाने तिन प्र
साहुकार दिवाल्या रो दृष्टान्तसावद्यदान में मारे मौन है तिण उपर स्त्री धणी नो दृष्टान्त
मिश्र श्रद्धा श्रोसखायवा उपर घणी रे नाम रो दृष्टान्तम्टें कद कह्यो थानक म्हारे वासते कीजो तिण उपर डावडा री सगाईव्याह रो दृष्टान्त
सीरे जमाइ रो दृष्टान्त
थारा वचावणा रह्या मारणा छोडो२५
२६२६
२६हिवडा पांचमो भ्रारो दं सो पूरो साधपणो न पले तिन उपर तेला रो दृष्टान्त २७ए दोप लगाबे तोहि झ्रापा विचे तो आछा है यू कहैँ तिण उपर तेला माहेआधी रोटी खाण रो दृष्टान्तदण थानक उपर चुनो चढतो दीसे हैरोग मिथ्यात सूप करडों ते करडा दृष्टान्त सू दटेआचार्य पदवी आणी तो कठिन है सूरदास री भ्रवे तो ्रटकाच नदी
श्रावक साध श्रमाध री सका मिलया विना चदना करं नहीकई सावद्यदान मे पुण्यं कहै तिण उपर सतखडिया महन मुपडण रो दृष्टान्तपोते कर दिखावि जद दूजा पिण मानेइणरो दील भागो दीसे छजोडी तो जुगती मिलीदोन् साच बोल हैনাহ श्रगुल दा वटका चास्ते म्हारो माधपणो म्है गमावायाने इयो इ दरंहिवडां पाचमो ्रारो हैं पूरो साधपणों पले वहीं तिण पर साहुकार
दिवाल्या से दृष्टान्तपूछने श्रद्धा लेसू कहे तिण पर पच कहसी सूतो हुवो तो ववां देम
रो दृष्टान्तकुगुरा सू हेत राखे तेह पर मेरा रो दृष्टान्तखमावा तो जावो द्धौ पिण रखे नवो कजियो करोनाइसी करामात हुवे तो अठासूइ वयू जायंउणारो मत खंडन करा छा तिनत् कहे छेभ्राज पद इसी वीणदी कीज्यो मति~< ~€
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