भिक्खु दृष्टान्त | Bhikshu Drastant

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1.7 MB
कुल पष्ठ :
154
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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ए दोप शगाब तोड़ प्रापा बिचे तो भ्राछा ई पू कड़े उपर तेखा महिपाषी रोटी शाग रो इट्ाम्त
इय पागक उपर शुनों तो दौस है. रद
राग मिप्पाठ रुप करदो ते करशा इ्रात सू दटे रद
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'पावक साथ ससाव री संका मिट्पा बिना बंपना कर सही ८
कई सावददान में पृष्प बह लिए उपर सतलंदिया महल मूंपइण रो इष्टास्त रद
पति कर दिलाने जद दूजा पिल माने
पौम भामो दीसे छ रू
जोड़ी हो जुपती मिमी
साच थोस है दे
अपार पंगून रा अटका बास्ते स्ारों साधप्ा सह दे
माने धर्मों ६ रस तूदि पौचमों भारो है पूछो सापपयों पते सष्टी लिल पर साहुकार
दिंवास्या रो इष्टान्तपूने स्द्धा लेसू बडे नि पर पत्र बहसी सूसती हृवों तो पाई देसूं
रो कर
बुगुरां मूं हेत ठेह पर मेरां हो इट्टाला दर
समादा हो जादो पिच रण शो क्यों बरातादेरहै
इसी करामात हु ठो यू जाब
उचारो मत पंत करा छा निनसू बढ़े छ 3६
घाज पए इसी बस्ती बीम्दो मति श्ज
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