पतितोद्धारक जैनधर्म | Patitoddharak Jain Dharm

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Book Image : पतितोद्धारक जैनधर्म - Patitoddharak Jain Dharm

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about कामता प्रसाद जैन - Kamta Prasad Jain

Add Infomation AboutKamta Prasad Jain

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
(९३) (१६) चाण्डाल धर्मात्मा । १--यमपाक चण्डाल ३९. २-अमर शहीद चाण्डाल चण्ड ४९ 2-ज माध चाण्डाडी हुर्गंधा ५५९. ४-चाण्डाल साधु हरिकेश ६६ (१७) श्र जातीय धर्मात्मा । १-सुनार और साथु मेनाये ७९ २-मुनि भगदत ८५ ३-माढी सोमदत्त और अजनचोर ९० 9 र्माता शुदा कन्ययिं ९८ (१८) व्यभिचारजात धर्मात्मा। १-मुनि कार्तिकय १०९ २ ~महातमा श्ण १२५ (१९) पापपड़से निकलकर धर्मकी गोदमे। १-चिलाती पुत्र हल १३७ २-ऋषि शिक ज রী (4 ष (3 इए गड १५१




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now