मार्क्सवाद और उपन्यासकार यशपाल | Marksvad Aur Upanyaskar Yashpal

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Marksvad Aur Upanyaskar Yashpal by डॉ. पारसनाथ मिश्र - Dr. Parasnath Mishra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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झध्याय सात भाषा श्‌ च भाषा | | ष कं त क स्वरूप पात्र एवं प्रसंग के अनुकूल भाषा मुहावरे श्रीर लॉकोक्तियाँ ख. दाक्ति ग. सौन्दर्य घ. यद्यपाल के उपन्यासों में प्राप्त भाषागत दोष २. भ्रमिव्यक्ति के श्रवयव क. कथन ख. वर्णन एवं चित्रण ग. व्यंग्य व्यंजना ३. यद्यपाल की भाषागत उपलब्धियाँ शक्ति और सीमाएँ अध्याय आठ मूल्यांकन तुलनात्मक संदरभ में १. संसार के प्रसिद्ध यथा्थवादी प्रगतिशील लेखक भौर यद्यपाल क पाइचात्य साहित्य में यथार्थ के विविध रूप ख. श्रग्रेजी साहित्य के यथार्थवादी उपस्यासकार श्रौर यशपाल चाल्स डिकेंस थामस हार्डी गाह्सवर्दी ही फ्रेंच साहित्य के यथार्थवादी उपन्यासकार श्रौर यद्यपाल बाल्जाक मोरपासा अ्नातोले फ्रांस . रूसी साहित्य के यथार्थवादी उपन्यासकार श्रौर यश्यपाल तुगनेव न टाल्स्टाय मैविसम गोर्की २. हिन्दी का प्रगतिक्लील आात्दोलन श्ौर यद्यपाल प्रगति्वील भ्रान्दोलन एक दृष्टि झान्दोलन की उपलब्धियाँ रद्द २६८ र७२ २७७ २७८ र्‌८्१ र८रे २८६ २८६ र६र टन २६६ २६६ २९६ ३०० ३००. दे०९ दे० दे दे ०४ दै०४ दे०दे दे०७. ०८ दे०६. ३११ देश ३२९६. दे३े०




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