श्री भगवद्गीता | Sri Bhagwatgita

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
304
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)ॐ अध्याय १ अः १३
किनो राज्येन गोविन्द कि भोगेजीवितेन वा ३२
येषाम्रये काङ्क्षितं नो राल्यं भोगाः सुखानिच ।
त इमेऽवस््थितायुद्धभा णांस्त्यक्त्वाधनानिच ३३३
श्राचाय्यौः पितरः एुजास्तयेव च पिवामः ।
मातुलाः श्वशसाः पौनाः
स्यालाः सम्वरिथनस्तथा ३८ ॥|
हैं कृष्ण महाराज ‹ य॒द्धमे विजयच्छेभी काक्षा
नहीं ओर न राज्य सखकी कि राज्य ओर भोग
लें हमको क्या करना और विना स्वजन प्राण
रखकेमी च्या करना ह ३२ ॥
जिनके अत्ये राज्य भोग ओर सखकी हम
कांक्षा करते हैं वेही लोग युद्धमें प्राण ओर घन
त्यागरर खड इहं ३३२ ॥
ये सब आचाय्ये ओर चचेरेभाई पत्र पिता-
স্ব সালা अज्ञुर पोन्न साला और सम्बन्धी
छाग ছা ৬11
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