कसायपाहुडं | Kasaya Pahudam-8-1961

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Kasaya Pahudam-8-1961 by पं. फूलचन्द्र शास्त्री - Pt. Phoolchandra Shastri

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विषय झुजगार स्थितिसंक्रम भुजगारसंक्रम अथेपदभुजगार आदि पदोंका अर्थइस विषयमें तेरह अनुयोग द्वारोंकी सूचनासमुत्कीतेना स्वामित्व एक जीवकी अपेक्षा काल एक जीबकी श्रपेत्षा अन्तर नाना जीवोंकी अपेक्षा भंगविचय भागाभाग परिमाण क्षेत्र और स्पशेन नाना जीर्वोरी श्रपेत्ता काल नाना जीबों की अपेक्षा अन्तर भाव अस्पबहुत्वपदनिक्षेप स्थितिसंक्रम उसमें तीन अनुयोगद्वार समुत्कीतेना उत्कृष्ट स्थितिसंक्रम समुत्की र्तेना जघन्य स्थितिसंक्रम समुत्कीर्तना स्वामित्व ओघ उत्कृष्ट स्थितिसंक्रम स्वामित्व( ५)पृष्ठ३४८ ३६० ३६० ३६० ३६० ३६० ३६२ ३७२ ३७६ २३७८ 2७८ ইওর ३५६ ३८१ ८४ र्थे३८८ द्म ३८८ रेपप ३८६ ३८६विषय औओपघ जघन्य स्थितिसंक्रम स्वामित्वश्रोधादेश इत्छृष्ट स्थितिसंक्रम स्वामित्व श्रोघादेश जघन्य स्थितिसंक्रम स्वामित्वअल्पबहुत्व वृद्धि स्थितिसंक्रमउसमें तीन श्रनुयोगद्वार वृद्धिका स्वरूपअनुयोगद्वारोंके नाम ओर उनका स्वरूपओपघसमुत्कीतंना आदेशसमुत्की्तनाप्ररूपणाएक जीवकी अपेक्षा काल एक जीवदी अपेक्षा श्रन्तर नाना जीवोकी अपेक्षा भंगविचय भागाभागपरिमाणक्षेत्रस्पशेननानाजीवोंकी अपेक्षा काल नाना जीबोंकी अपेक्षा अन्तर भावअल्पबहुत्व स्थितिसंक्रमस्थानन२३६५. ३६७ २९६ ११८७४०१ ४५२ ४०२ ४०५ ४०६ ४१० ४११ ४१४ ४११५ ४१६ ४१६ 8१७ ४१८ ४१८ ४१९ ४२० ४२० ४२८




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