जैनतत्वादर्श भाग - 1 | Jain Tatvadarsh Bhag 1

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Book Image : जैनतत्वादर्श भाग - 1  - Jain Tatvadarsh Bhag 1
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विषयानुक्रमणिका ০০प्रथम परिच्छेद विषयप्राकथन हैअरिहंत के १२ गुण [८ प्रातिहाये 8 अतिशय] चाणी के पेंतीस अतिशयचौतीस अतिशयअठारह दोषअठारह दोषों की मीमांसापरमात्मा फे विधिध नामगत चौबीसी के तीथङकरचतेमान चौवीसी के तीथ॑ङ्करसीर्थङकुर के नाम का सामान्य शौर विशेष अथे ती्थङ्कें के वंश तथा बणेतीथकर के चिन्हसीकर पितृनामतीथकर माठनामबावन बोलप्रत्येक तीथड्डर के वावन बोलश्री ऋषभदेव, श्री अजितनाथ




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