स्पर्द्धा | Spraddha
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
50
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)स्पद्धा
खान-- लीजिए, जनाव, हमारे क्व में तो शायर भी मौजूद
है । गज्ञव की उपमा কী ই, मिस्टर अग्निहोत्री |
वर्मा--अरे, मिस्टर अग्निहोत्री ही तो आज के सच्चे
হী ই। [र
खान--यह कैसे १ क
वर्मा--अपने जूनियर को बचाकर ये वीरता न दिखार्थेगे १
जान--उनका बचाव करना तो हर मेम्बर का फ़ है |
वर्मा--यह क्यों ! | [सि |
खान--इसलिए कि आदमियों का काम ही औरतों की
हिफ़ाज़त करना है। =
वर्मा-और शर्मा पर जो उससे कहीं धृशित श्राक्तेप
हुए हैं ! द
मजूमदार--देखो, महाशय लोगो, दोनों का बिरुद्ध जो टो
बिज्ञापन निकला है उसमें किसी का नाम नेई है।
: * हम लोग कैशे कह शकता है कि मिस्टर शर्मा ने मिश
ऊंष्णाकुमारी का बिरुद्ध बिज्ञापन निकाला और
` ~ मिश ऋृष्णाकुमारी ने मिस्टर शर्मा का बिरुद्ध !
वर्मा--पर, मेरा तो इस संबंध में मत ही दूसरा है ।
खान-वह क्या प |
वर्मा--इस प्रकार का अपवाद समाज का सच्चा जीवन
..._ है। समाज से अपवाद निकाल दीजिए, बस, समाज१०এপি
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