यूरोप बुध्दि स्वान्तंत्र्य का इतिहास | History Of Rationalism In Europe

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
History Of Rationalism In Europe by शिवसहाय चतुर्वेदी - Shivsahaya Chaturvedi

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

Author Image Avatar

पंडित शिव सही चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी नामक गांव में हुआ था | इन्होने कई पुस्तकें लिखीं किन्तु समय के साथ साथ उनमें से कुछ विलुप्त हो गयीं | ये एक अमीर घराने से थे और बचपन से ही कला में रूचि रखते थे |
इनके वंशज आज जबलपुर जिले में रहते हैं और शायद ये भी नहीं जानते कि उनके दादाजी एक अच्छे और प्रसिद्ध लेखक थे | इनके पौत्र डॉ. प्रियांक चतुर्वेदी HIG 5 शिवनगर दमोहनाका जबलपुर में निवास करते हैं |

Read More About Shivsahaya Chaturvedi

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
গঞ্জ यूगोपमे बुद्धिस्वातंत्रय-- বপন কপ পপ 4০৬ পল সী পা ए १ টি वबिलियमदि कॉकररनें इंग्लेग्ड में राज्य स्थापित कंरके “उस देशकी राज्य व्यवस्था और अर्वाचीन खुधारोंका বীজ बेया । इसे प्रकार जब एक नार्मन चमारका पुत्र इंग्लेए्डके _ पसंहासन प्राप्त करनेकी तैयारी करः रदा था, उसी समय टस्कनीके एके बढ़ई का पुत्र अनेक. शताब्दियेंकी श्रष्ठतासे ` 'रोमके मंदिरका जीणोद्धार' करनेका मनोस्थ बाघ रदहाथाक अंतमें वह अपने प्रयत्न रे फलसे रोमेका पोष बन गया । उसने पापके सिंहासनको केवल राज्यसत्तासे ही मुक्त नहीं कर दिया, वसन समस्त राजाओकों पापकी सक्ताके नीचे मस्तक भुकानेको बाध्य करके, आप सब राजाओंका राजा बन गया। . पूर्वमें मुसलमानांकी सत्ता फिर वदने लगी । सिनलक्रके युद्धके चाद तुक लोगोंने पेलेस्टाइन जीत लिया और इसके कुछ वर्षोके उपरान्त एक शरीक, सरदारने तु्कोंको एशिया भाइनर बेच दिया। इस तरह तुके राज्य काले सागरसे सीरिया तक और कान्स्टेन्टीनोपलसे युफतीस तक फैले गया | ५ इस समयसे पंश्चिमम ईसाई लोग मुसलमानोका सामना ध करने लगे और उन्होंने ४०० वर्षोके दाद स्पेनमं किर इख शस्यरखापितिक्रिया। ` “` ` 1 शरवो सदीमे उत्तसेख यूरोपमे अमीरोंका राज्य था।_ তা _ इंग्लेण्डमे स्टीचन जैसा निर्वेल राजा होने पर भी छोटे छोटे हँजागें अमीरगोको दुःख देता था। दक्षिण यूंरोपमें शहर के .. लोग इकट्टे मिलकर शत्रु थरों का सामना करना सीख गये थे, -.. परन्तु फ्रांस, जमंनी ओर इंग्लेणडके लोग अनेक छोडे छोटे सरबारों या राजाओंकी अधघीनतामे रहकर बहुत दरिद्वताम दिन बिताया करते थे । की 2:১8 वीं सदीके प्रारम्भमे यूरोप के नक्शेम बहुत अदल बंदल-




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now