मोक्षमार्ग प्रकाशक | Moucha Marga Prakashak

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Moucha Marga Prakashak by पण्डितप्रवर श्री टोडरमल जी - Panditapravar Shri Todarmal Ji

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about पण्डितप्रवर श्री टोडरमल जी - Panditapravar Shri Todarmal Ji

Add Infomation AboutPanditapravar Shri Todarmal Ji

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
৬৫ ७३ अन्यमतके ग्रन्थोद्धरणोंसे जैनधमंकी प्राचीनता ओर समीचीनता .... ७४ श्वेताम्बरमत-विचार ७५५ अन्यलिगसे मुक्तिका निषध ७६ स्त्रीमुक्तिका निषेध ७७ शुद्रमुक्तिका निषेध ७८ अलेरॉका निराकरण ७६ केवलीके आहार-नीहारका निराकरण ८० मुनिके बस्त्रादि उपकरणोंका प्रतिषध ८१ घमंका अन्यथारूप पर दूढकमत-निराकरण ८३ प्रतिमाधारी श्रावक न होनेकी मान्यता ८४ मुहपत्तिका निषेध ८५ मूतिपूजानिपधका निराकरण छठा अधिकार ८६ कुदेव कुगुरु ओर कुधमेका प्रतिषध ८७ कुदेव सेव्राका प्रतिषेध ८म लौकिक सुखेच्छासे कुदेव-सेवा ८६ व्यतर-बाधा ¢ ৮. ६० सुयंचन्द्रमादिगृहपूज्ञा प्रतिषेध २४६ २४६ २७४७ २५० २५३




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now