तीन दिन तीन घर | Teen Din Teen Ghar

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1.4 MB
कुल पष्ठ :
164
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)प्रथम झंक श्टगोदित : ( मुंह बना कर उठता हैं, शाडी परड़ कर ) 'अस्था
बला ।[ ऐड लाती की लादी धरूद कर भस्दर छाता है । हार खुलने गर
मालिया बाएं ते बायें जाती दि्ाएँ देतो हु । मेरेज के झर्दर से ध्यामा
डौन का दर जडुनडानी है 1इपामा । ( भर्दर से ) रोटित की अम्मा दरवाज़ा साल
दो काई दइरवाज़ की उंजार चरा गया दे में
अन्दर हूं । (दर बडमदाती है। ) रादित झा
राद्वित मेरी बजार साल द, ( लगा भर एक कर )
बहमाम निठानल करी ऋ (रह रे ) रालरोतर
यह मज्ञाऊ अच्छा महीं ।[ सेव बी भादाज शुन कर ऐप ऊपर से चक कर देखती हु ।
दतरे सर के घुने बात एने हुए सदूय रह हैं। ]शामा. कया पुआ र्यामा ! 'भाज फिर का जंजीर मस्द
कर गया !
( भोगे से उतर पर हार पोती है। )
श्यामा 1 पता लग जाए हो मुर को एमी सुनाऊँ कि सुनत
मे पने ।
शाम । रा का पर पता फंसे लग ।
श्यामा मैं सममता थी कि घन्दू मज्ाइ ऋर रहा हूं बट
सा भभी भाया दी नहीं । मैं बन्दू फ पे में
रही [न थाने कोन हे जा मुमस सतना दे |
(रस रर) मैं रयामा हूं श्यामा | पड़ढ़ पाई
सो सात पुम्तों तक को तार दूँगी | मी
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