पातञ्जलयोगसूत्राणि | Patanjalayogasutrani No.47
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutVinayak Ganesh Aapte
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
278 MB
कुल पष्ठ :
302
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about विनायक गणेश आप्टे - Vinayak Ganesh Aapte
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)क्रायरुपसयमात्तदग्राह्मशक्ति৪৪৪৫..... कार्येब्रियसिद्धरशुद्धिक्षयासपस; .... এ না 2 ১১
कूनाञ्यां स्थेय রর
.. कृतां भति नष्टमप्यनष्टं तदन्यसाघारणतवातु... = “~
क्रमान्यत्वं परिणामान्यत्वे हेतुः „ल ~~ ^~५०केशकमेविपाकाश्चयेरपर मृष्टः पुरुषविशेष हरः =... `
इशमूलः कमारया इष्टदृष्जन्मवदर्नायः = -. न `
क्षणतत्कमयो; संयमादिवेकज ज्ञानम् ~ „^ `
क्षणपतियोगी परिणामापरान्वनिग्राह्नः कपः... ..$#...
क्षीणत्तरमिजातस्यैव गणेग्रहीतग्रहणग्राह्मुण तत्स्थतदब्जन-तासपमापात्त। ৰ এ 89668 . २. ४ তত , 9@58 ४6.6४
। [72 15788 हक রর = श्, এল . ।्रहणस्वरूपास्मितान्वयायवत्वसंयमादिन्दियनयः =... `১ 1 रा ! ५ 4; টি त च+ न
` ` चन्दर तारावय्ानम् তং
...चित्तान्तरहब्ये बुद्धिबुद्धेरतिमसक्+ स्पृतिसंकरथच ০৮.০ ४,चितेरमतिसक्रमायास्तदाकारापत्तो स्व्बुद्धिसवदनब् =...এॐ১ | न्मौ षधिमन्त्रतप साधना धय; পেস ११९९ ५ | জাতক ४, जातिदेशकाछव्यवहितानामप्यानस्तर्य स्मृतिसंप्कार-भकः = क जकनद यारेकरुपत्वांतु 85৫৪ 0 টি 3 না ২ ५ ` ७४० ८ ४ ध রি টা०८ 5বি.1 দবানান্া সানা
১1515115515 ` রন
कायाकाशयोः संबन्धसंयमाद्घुतृखसमापत्तेथाऽऽकाक्षमप-1 0एङः
User Reviews
No Reviews | Add Yours...