कीर्तन - प्रणाली के पद | Keertan Pranali Ke Pad

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Book Image : कीर्तन - प्रणाली के पद  - Keertan Pranali Ke Pad
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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& नित्य-सेवा के ऋतुसमयानुसार के पद-की्तनन की संख्या-सूची “ &(१) जगावे के समय श्रीमहाप्रभुनी की विनती के-- ১5১ ८४७ इत्यादि ।(२) श्री ठाउरजी के जगाबे के ३, ७३२, ७७०, ८०३, ११६४१, ११६५ इत्यादि ।(३) ऊलेऊ के --४, ४८६, ११६६* इत्यादि ।(४) श्रीयमुनाजी के--५, ६३४५, ६४० से ६६१ इत्यादि(५) सरिता के--४६२, ४६४ से ४६८ ८६२ |,८६३1, ६६०, ५ ००८१ इत्यादि 1(६) मगत भोगसरवे के-->; दप्यादि ।(७) मगना दृ शंन के--४६३,४६६1,५३३.,७४४,७७६- ८०५ | ; ८७२ এ ই | ४५ हे | 9 १००८१५,१०२८५ १०४५० ५, १०५४ इत्यादि ।(5) श्र गार ओसरा ( समय ) के--२३४$, २३६$, ३४७, ३८८) ४०४, ) ५२४} ৩১৪৬, ७४६, ७६७१, ও৬ই1 से ७७५|, 5০1 2 ৬1) 5৬৮1, ८७४ |, ८७२७, ८७७, ८६२|, ८६५1, ६ »|, ६२९४|, ? २०४, १०४१*, १०२६४, १०३०, १८६२१, १०६६५ दप्याहि ।(६) क्ष गार दर्शन के---७६८, ७४७,७६४, ४७८, ७७६, ६०८], ६२६ |, ६६० |, ६८०, १०१५, १०२५१, १०३१ , १०६७४, ११०४ इत्यादि ।(१०) ग्याल् समे के--१६४, ५०३ ( उरहाने तथा खेलके ) धेया के- {२०६ ।(१ {) प्रखन्‌ के--५१, ६४; ६५, ६६, ६७, ছিলে ६६,७०, ७!(१२) राजभोग भआाये-- | घर भोजन फे--३६३, ४१४ से ४९७, ४२४,५३६ से ५३६| त्रन-भक्तन्‌ के घर भोजन के--३६२, ३६४, ३६४ हृत्थादि ।| छाक के-१७९ से १८१, ३म्४से ३८६) ६०५ से ६१३* छाक के---११६७ से १२०० इत्यादि । (१३) राजभोग सरे अचवायबे के-३६६, ३६०,१०८१ (१४) बीरी के--३१६७, ३६१1, ४३६, ८७६1, १२००४ इत्या। । ৯৬ पाग, फेंटा, दुभाला, पगा, कुल्हे, सेहरा, टिपारा,(१४) माला के--७६४५ इत्यादि ।(१8) राजभोग दर्शन के--१६३३, ४६८३, ७४०1,७४८, ७४६1, ৬৬০1; १००७ १०१३५, १०३२५ १०३३५, १०८० इत्यादि ।(१७) भोग ॐ दर्शन ॐ-- १६४ ३६३ से ३६६, ७६७(१८) सभ्या के- १६९, ३६९,२६५७,४०४, ४२०, ७६८, १००३,१०३५५, १०४१५ इत्यादि |(१६) साभ की वैया के--१२१०(२०) शयन भोग आये--३६८ इत्यादि ।(२१) दूसरे भोग के---८६० इत्यादि ।(र) शयन दर्शन-४२१, ८, ४३ से ४३५) ४३६, ४४० से ४४५, ४५४, ७५३; ७५५) ७६८ आदि |(२३) मान के---२७७, ३१३, ४०४, ४४१, ४४०, ४४७, ४४८ ४५५२, ४५७, ४१०, ६२०, ६३४(- ४) पोढबे के--६८, १०४, १७०, २७८, ३१४,३२०, ३२१, ४०६, ४६३1, ४११, ५३१३, ४३२३, ४३३1, ७५६, ८०१, ८६९, ६२१(२४) आश्रय माद्दात्म्य आदि के-- १५३६, १५७, ४२२, १२०५ इत्यादि |% विशेष समय के #(५६) त्रतचयी के - १२०३७ १२९०४(२७) ल्लतमालकोस के-५ ६ सरे ५ & तक ।(२८) पनरघट झे--६२४ से ६३३, ६७२ इत्यादि ।(२६) फृबमडली के--७४१, ७८६ इत्यादि ।(३०) फूल के श्र गार के--६४७२, ६७३ इत्यादि ।(११) खसखाने के--६६६, ६७०, ६७१ इत्यादि ।(१२) नाव के--६१७, ६८ इत्यादि ।(३३) जलविद्दार के--६६३ से ६६६ इृध्यादि ।(१४) मल्हार के--१००३१, १००४, १०१४, १०३८, १०४६, १०४६ इत्यादि ।(३४) मुरली के--ध्८० इत्यादि ।(३६) साभी के--१९०६ से १२०८ तक।(३१७) हिलग के--४४०, ११६८, ११७८ आदि।मुकुट, धोती, पिछ्लोरा आदि झ गारन के विविध“संपादकसमय के तथा घटान के पद उत्सवन के पद्न की सूची? में सू निकासि लेने । > बिना चिह्न वासे बारहो मास गायवे के । * इस चिह्न वाले वर्षाऋतु के । ‡ सीतकाल के । † उष्णुकाल कै !$ अ्रभ्यमं होय तब के ।




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