भारत के तीर्थ | Bharat Ke Tirth
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
250
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)वारका १५* ६२२८ ४भ्रव द्वारका एक छोटा-सा क्या है । यहां बहुत-सी
घंशालाएं हैं। जरूरत की सभी चोजें ध्रासानी से यहां
मिल जाती द! फस्पे के एफ हिस्से ष चारो घोर चहार-
दोबारी लिघी है। इसफे भीतर ही सारे घड़े-बड़े सन्दिर
&। प्वारका के पक्षिण में एक लम्बा ताल हैं। इसे
गोमती-तालाब कहते हैं। समुद्र फे पानी से यहू भरा
रहता है। इसमें नहाने का बड़ा पुण्य माना जाता है।
इसके नाम पर ही ध्वारका को गोमती हारका कहते हैं)द्वारका के समुद्र-तट के घाटों का হেত
इस गोमती तालाब के ऊपर मो घाट हैं । इनमें
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