प्राकृत व्याकरण | Prakrit Vyakaran

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१३जैमसत्रोमां फेट्लेक ठेकाणे अधेमाग्धीने भाषा तरीके जणावी छे अने साथे एम पण कहेवामां आव्युं छे के, * भगवान्‌ महावीर अधमागधी भाषामां उपदेश करता हता.' अधमागधीने लगता जैनसन्नोना उल्ेखो आ प्रमाणे छे: ८ मगवं च णं ४४ भगवान्‌ अधेमामर्धीमाषा- ` अद्धमागहीए भासाए द्वारा धमेने कहे छे.” धम्ममाइक्खइ ”! ( समकय-अगसूत्र पृ० ६० समिति )प्र०-« देवा णे मते कयराणए._ “ हे भगवन्‌ | देवो क माप्ताए भासंति ! भाषामां बोले টি? कयरा का भासा अथवा बोलाती भाषामां भापिजमाणी कई भाषा विशिष्ट छे ? विधिस्सति ?उ०~-गोयमा!देवाणं अद्ध हे गौतम ! देवो अध. मगहाए भासाए भासति, मागधीभाषामां बोले ऊसाविय ण अद्धमागही अने बोछाती भाषामां মালা भासिजमाणी पण ते ज भाषा-अध-वििस्सई्‌ ” मागधीमाषा-~विरिष्ट ॐ. ( भग्रवती--अंगसृत्रश० ५ उ० ४০ 1৫৫ সহল-२० राय० অনसमिति ए० २३१ सू० १९१ )




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