सरीसृप | Sarisrip

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Sarisrip by रमेश चन्द्र - Ramesh Chandra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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सांप 11 शत्रु से अपने प्राण्यों की रक्षा फरते हैं 1 सांप क्या खाते हैं ? सांप मांसाहारी जीव है | चीटी के अण्डे हो या मेढक, कोट-पतग हो या मछली, सरट हो या पक्षी--सांप सभी को चट कर जाता है । बहुत से सर्प चूहों प्रौर बड़े-बड़े जानवरों का भी आहार करते है । कुछ सांप एसे भो हैं जो अपने से छोटें तथा विषधर सांपों को अपना भोजन बनाते है । इनके विष का इन सांपों पर कोई प्रभाव नही पडता । भलय के नागराज को ही लीजिए । यदि उसे साप मिलते रहें तो बह दूसरे जीवों को श्रांख उठाकर भी नहीं देखता । लेकिन वह विपघर सांपों का नहीं, निविष सांपों का ही भोजन करता है। इसके विपरीत अ्रमेरिका का मुस्सुराना सांप विषधर सांपों को ही खाता है । सांप तथा छीठे जन्तुओं का आहार करने वाले सांपों का भोजन शीघ्र पच जाता है भौर उन्हें छ-सात दिन के भीतर द्वी भोजन की श्रावश्यकता पड़ती है । बढ़े जन्तुओं का श्राहार करने वलि सर्पो का एक बार खाया हुआ भोजन दस-वारह दिन के लिए काफो होता है। शिकार पकडने का सांपों का ढंग बड़ा विचित्र है। निविप सांप शिकार देखते ही तेजी से उस पर भषटता है और अपने प्रंकुशनुमा दांत उसके शरीर पर गड़ा लेता है | इन दांतों के शिकजे से निकल भागना शिकार के वश को बात नहों। दूसरे ही क्षण साँप का शरीर रस्सो को तरह शिकार के शरीर पर लिपटकर उसे कसने लगता है। यह सब पलक मभपकते हो हो जाता है कि शिकार कौ विरोध करने का प्रवसर ही नही मिलता । कुछ लोगों का विचार है कि सांप भ्रपनी कुण्डली से शिकार के शरीर को इतना कसता है किं उसको हदिद्यां द्रट जाती ६ भौर वह्‌ मर जाता है । लेकिन यह मत भ्रामक है। वास्तव में सांप को कुण्डली .: उद्देश्य है--शिकार की श्वास-नलियों को अवरुद्ध करके उसका गला घोंट देना




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