आधुनिक रूस | Adhunik Roos

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Adhunik Roos by प्रभुदयाल अग्निहोत्री - Prabhudayal Agnihotri

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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छूस का इतिहास ९ सिपाही बुलाये गये । इन सव के परिणास-स्वसूप नये-नये टैक्स लगाये गये | क्रमशः रूस और यूरोप में घनिष्ठ सम्बन्ध स्थापित हो रहा था। प्रत्येक वर्ष हज़ारों यूरोप-निवासी रूस आया करते थे। फलत: रूस में यूरोप की सम्यता का कुछ कुछ अचार-सा होने लगा । जनता ने यूरोपीय भाषायें सीखनी आरम्भ कर दीं। वे विदेशी पोशाक पहिनने छगे तथा अपने घरों में विदेशी वस्तुओं का प्रयोग करने लगे । रूस में विदेशी पुखकों के असुबाद होने लगे तथा नये धर्म का प्रचार सने लगा | थिओोडोर के पश्चात पीटर सिंहासन पर बैठा, पर पीटर আখ केबल दस थं का वलिक ही था। फलतः धिश्लोडीश की बहिन सोफिया ने अपने भाई के हाथों में शासन की बागडोर सौंप दी । पीटर अपने हमजोलियों के साथ खेला-कूदा करता भा। सब १६८७ में सोफिया ने क्रीमिया पर आक्रमण करवाया। यह आक्रमण, जिसमें दो बर्ष लग गये थे, पूर्णतयान्यसफल रहा; खतएव पीटर को अवसर मिलन गया और उसने भी अवसर से समुचित जाम उठाकर तथा सोफिया के हाथों से शासन को चागडौर छीन कर হল জাত ভন गया। जार बनने के बाद भी पीटर खेल-कूद में लगा रहता था । बह बिदेशी विशेषज्ञों से विशेष प से सिल्ा करता था। स्वीजरलैणड निवासी फाझ् लेकर से उससे. धमिष्ठ मित्रता हो गयी, जिसने उसे अनेक. कुक्रमेः सिखलाये | उससे पीटर को शजब पश आकर्मण करने को विशेष




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