पुराण सार संग्रह भाग २ | Puran Sar Sangrah Part 2

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Book Image : पुराण सार संग्रह भाग २  - Puran Sar Sangrah Part 2
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विषयानुक्रमभगवानका दीक्षा-कल्याणक চা < चतुथ सगे पद्मखेटपुरमे धन्य राजाके यषां भगवानूकी पारणा ओर पञ्चाश्चय उक्त श्वं वरदेव द्वारा भगवान्‌ पर उपसर्गधरणेन्द्र जर पद्मावती वारा उपसगंका निवारण केवलज्ञान-कल्याणकपश्चम सर्गभगवानकी स्तुतिभगवानके समवसरणर्म दश्च गणधर आदिकी संख्याका निर्देशभगवानूका ६९ वषं ८ माहतक विहारभगवानूका सम्मेदाचरूपर योगनिरोध व मुक्तिखाभनिर्वाण-कल्याणकवधमान-चरित प्रथम सेमंगलाचरणछत्नाकारपुरके राजा नन्दिवर्धन व उनका वेराग्यछत्राकार पुरमें नन्दिवर्धन राजाके पुत्र नन्‍्दुन-द्वारा प्रोष्टल मुनिसे अपने पू्व॑भव पूछनाप्रोष्टिल मुनि-द्वारा नन्दनके पूवे भवोका कथनप्रसंगसे नन्दनके आठवें भव पूर्व सिंह अवस्था मुनि-द्वारा सिंहके पूर्च भव कथन१७२१९८ १४८ १1७०० 1००१७०६१७८ १६० १६० १६२१६४ १६४१६६ १६८१६९८१११४७३१४९ ९४९ १७५१९ १५११५७१५९ १६१ ५६१ १६३१६५ १६५१६७ १६९




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