कल्याण | Kaliyan Vol 1

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Kaliyan Vol 1 by चिम्मनलाल गोस्वामी - Chimmanlal Goswamiहनुमानप्रसाद पोहार - Hanuman Prasad Pohar

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चिम्मनलाल गोस्वामी - Chimmanlal Goswami

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हनुमान प्रसाद पोद्दार - Hanuman Prasad Poddar

He was great saint.He was co-founder Of GEETAPRESS Gorakhpur. Once He got Darshan of a Himalayan saint, who directed him to re stablish vadik sahitya. From that day he worked towards stablish Geeta press.
He was real vaishnava ,Great devoty of Sri Radha Krishna.

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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(५१ ( डा” भीष्मनकाञन्ी गौतम) सम्पाद धयुग-संस्कृति! ) “*“ ६५४ २६७-मानवको उद्रोषन ८ संकर्ति--क्षलीन स्वामी शिवानन्दज्ञी सरस्वती ) *** ६५८ २६८-पापकि अनुसार नारकीय गति ( माफ ण्डेय- पुराणके आधारपर ) === ६५९ २६९-रूमीकी आकांक्षा ( संककित--जलादुद्दीन रूमी--मशनबी ) তত ६६३ २७०-भगवानका कालस्वरूप ( श्रीपरशुराम पाण्डेय बी० ए.० ) ६६४ २७१-सुकरात और परलोक(पं ० श्रीशिवनाथजी दुबे) ६६५ २७२-मनने कमी शान्ति नहीं पायी [ संकलित স্ব पश्च ] ( श्रीतुलसीदासली ) क २७३-भुतिका सदुपदेश [तै० 3० से संकलित] २७४-कौन कर्मबन्धनसे मुक्त होते तथा खर्गकों जाते , हैं ( ब्रह्मपुराणके आधारपर ) ॥ ७५-प्रेमसुधाका भंडार खोल दो [ कविता ] २७६-सम्मान्य काका कालेलकरजीका स्नेहपू्ण पत्र ( भीहनुमानप्रसाद पोद्दार ) এ २७७-नरकसे बचना हो तो--[ कविता ] २७८-दिव्यलोक-- खगे पर्ुचना हो तो [ कविता ] २७९-सम्पादकका नम्र निवेदन २८ प्रभु | अपनी वस्तु जानकर स्वीकार कर से [ कविता ] না গস चित्र अषटुरगे चित्र १-कर्मानुसार सद्गति और दुर्गति * मुखपृष्ठ २-सूर्य-चन्द्र-अग्निको सूर्य) चम्द्रत्वः अग्नित्व देनेवाले भगवान्‌ শত क ३े-गोरोक्राधिपति भगवान्‌ श्रीराधामाव ˆ* ५७ ४-दिव्य देवीद्रीपम मक्षदेवी ˆ“ ११६ ५-मूल्यु-संसार-सागरसे पार उतारते हुए भगवान्‌ २२४ ६-सेवाका फछझ भगवत्माप्ति ** रश४ ७-भोगका फल वुःख-प्राप्त -* २२४ ८-सत्वगुणी मगवानमें जाता है २६५ ९-रजोगुणी फिर मनुप्य होता है २५५ १०-तगोशुणी कुसा आदि बनता है २६५ ११-नरकके तीन द्वार--कामः क्रोध और छोम *** २६५ १२-अन्तकालगें भगवानके स्मरणसे भगवसत्माप्ति ३३६ १३-अन्तकाटमें अक्षर ब्रह्म ओत्वे उच्चारण- स्मरन परमस्ति ^** ३३६ १४-बकुण्टाधिपति भगवान्‌ लक्ष्मीनारायण २३८४ योगश्रष्की गति-- १५-पवित्र श्रीभानके धर जन्म ४१७ १६-ज्ञानवान्‌ योगियोंकि कुछमें जन्म ४१७ १७-त्राद्मण, गौ, कुत्ते हाथी, चाण्डारू सत्रम्‌ समदष्टि ४१७ १८-साकेतविष्ठारी भगवान्‌ श्रीराम ४६४ १९-दिव्य केलासर्मे भगवान्‌ म्टादेव-महादेवी ` ˆ` ६३३ दुरंगा चित्र २०-भगवानूमें सर छोक और सब लोफोमें भगवान * 'मुखपृष्ठ सादे चिज २१-पाप करनेवार्लोकी आसुरी योनि तथा अधम गतिफी प्रासि ५ २२-अनन्य भजनसे मष्ापापी भक्त अन জালা ই २३-शानरूप नौकाद्वारा समस्त पार्पॉसे उद्धार २४-शानाग्निसे समस्त कर्मराशि भरम २१५-आसुरी सम्पत्ति এ २६-राजा श्वेतका निज शव-भक्षण ** २७-भूत-पूजा) पितर-पूजा) देव-पूजा, भगवत्‌-पूजा ८-खिलाकर खानेमें पाप-नाश, न देकर खानेसे नरक २९-उपवहणकी मृत्यु, देवता तथा ब्राक्षण कुमारके वेशमें मगवान्‌ ३०-उपव्हण जीवित हो गये--माझशंवतीकों 4ीकृष्ण प्रार्थना ३१-श्रीत्रद्याजी, धरमराज ओर चित्रभुप्त ३२-मगवायके शारण होनेपर मायासे छुटकारा ३३-श्रीशंकराबायका. परकाया प्रवेशके. छिये शरीर-त्याग ॥ (न ३४-श्रीदांकराचार्यका राजाके शरीरमें प्रवेश ३५-भक्तिमती देवी श्रीभिशर्यों बाईजी ६-स्विटजरलेंडके गेश्रियल उराइब ३७-इटलीके डॉ० गेस्टोन उगूमियोनी ३८-फ्रांसकी थिरीज गे ३९--आस्ट्याकी एलेक्जेण्ड्िना ४०-आस्ट्रेलियाके श्रीअर्नेस्ट ब़िग्ग ४१-लंकाकी रूब्री कुस॒भा ४२-जनीफर और गेलियन ६८१ ६८८ ६८९ ६९० ६९१ ६९३ ६९३ ६९४ ६९६ १०५ १०५ २८८ २८८ ४७२ ४७२ ४८१ ४८१ ५०५ ५०५ 4५२ ५१२ ५२८ ५२८ হর ५४८ ५४८ ५४८ ५४९ ५ श ९ ५.४९ ५४९




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