नित्यपूजा विधान संस्कृत | Nityapooja Vidhan Sanskrit

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Nityapooja Vidhan Sanskrit by बाबू सूरजभानुजी वकील - Babu Surajbhanu jee Vakil

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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# नियप्णना # ?१ शास्त्र स्थापन 5 जिनपखों उबदाद शांगशुतज्ञान | अजानिए निष्ठ 1 2: शास्त्र सन्निविकरण 3० ही जिनपुखो ऊतद्वादशो सश्ुतज्ञान अज मम मकि भन भूत | वपन्‌ । संप्रजयामि प्रय्यस्थ पाठयद्मयुगं ग्रगः। तपःप्राप्रप्रतिष्स्य गग्छ्िस्थ महात्मनः ॥ ० ॥ ग र सह ३ ही। आवायापाध्यायसवसाधुममसुद ! অঙ্গ অন্বলয अवतर | से बापट । गर स्थापन % हू। आवचायापाधव्यायसंतबंसा व वाह + অন লিচ লুল: 2: 1 गुर मानवि करण ॐ हु आचावपाय्यायप्वप्रातुसपृ र সে भ ५.४ | ५




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