काँगड़ा चित्रकला में लय तत्त्व का अध्ययन | Kangda Chitrakala Me Lay Tattv Ka Adhyan

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Kangda Chitrakala Me Lay Tattv  Ka Adhyan by रामचंद्र शुक्ल - Ramchandra Shukla

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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कॉगडा चित्रशैली के प्रमुख कलाकार एव प्रशयदाता महाराजा ससार चन्द थे उनका कला प्रेम ख्याति प्राप्त कर चुका था। कॉगडा शैली को विकसित करने वाले कलाकारों के नाम-धर्म चन्द, माणिक्य चन्द, जय चन्द बिधिचन्द, हरिचन्द, फतू. कुशन लाल या कुशला, बसिया, पुरखू इसके अतिरिक्त कॉगडा के अन्य चित्रकारो के प्रमाण नहीं मिलते क्योकि अधिकाश चित्रकार कहीं चित्र के पीछे नाम लिखते थे या नाम लिखते भी नही थे। महाराजा ससाद चन्द के समय जो चित्रकार कार्य करते थे उनके नामो का पता चला है जिनमे खुशाला ओर मानक का नाम उल्लेखनीय है | चतुर्थ अध्याय मे अन्तर तथा विभिन्नता ओर विशेषता के सन्दर्भ मे विचार-विनियम करके नये मानदण्डो को स्थापित किया गया है| पचम अध्याय में लय का बोध विशेष रूप से दिखाया गया है रेखाओं द्वारा, आकारो, दृष्टयो, वस्त्रो, श्रगार को एक लयात्मक रूप मे प्रस्तुत किया गया है| मेने पूर्णं विश्वासं एव निष्ठा के साथ यह शोधकार्यं श्रम, लगन, रूचि ओर पूरे उत्साह से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। मुञ्ये आशा है सहृदय जन इसे पसन्द करेगे |




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