मिटटी सभी रोगों की रामबाण औषधि हैं | Mitti Sabhi Rogo Ki Ramban Aushadhi Hai

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Mitti Sabhi Rogo Ki Ramban Aushadhi Hai by युगलकिशोर चौधरी - yuglakishor Chaudhary

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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रैक ७ 3 दायक है | सारे शरीर के मल पदार्थ पेट से ,द्ी, सब जगह जाकर रोग ब पीड़ा उत्पन्न करते हैं । हर प्रकार का बुखार अच्छा करने में गीली मिट्टी की पटटी सर्व-श्रेप्ठ साधन है । सभी तेज वीमारियों में इसे अवश्य लगाना चाहिए । मोतीजरा, लंगड़ा घुखार, चेचक, मलेरिया प्लेग आदि 1. में और सभी प्रकार के रोग हैजा आदि में पेट पर गीली मिट्टी लगाना एक अत्यन्त रामवाण व अचूक उपाय है और लाखों जानें बचाई जा सकती हैं । [ हर प्रकार के ब्वरों के रामवाण उपचार हमारी पुस्तक “ब्वर के कारण व चिकित्सा” में पढ़िए, मूल्य ] खेद है आज भारतीय जनता कृत्रिम औषधियों के 'पीछे दौडती है और उनसे आरोग्य लाभ की आशा रखती है, पर क्या प्रकृति विरुद्ध साधनों से आरोग्य संभव है ? हरगिज ' नहीं । आज देश में प्लेग, मलेरिया, दहेज आदि से लाखों आदमी मर रहे हैं । दवा निकलने पर भी यह भयंकर रोग कायू पमें नहीं आते । प्लेग को गिल्टी कैसी भयंकर होतों हे, आग की तरह जलर्ता है, रोगी उसके मारे अकथनीय पीड़ा भोगता है तीर प्रकृति-विरुद्ध साधन चिराना; डाह देना, व लेप आदि से कुछ लाभ न होकर मर जाता है । गिल्‍टी न फूटती है. न बैठती । ऐसे समय प्रकृतिदृत्त गीली सिट्टी श्रासों की रक्षा करेगी, विधि-पूर्बक स्वाभाविक उपचारों के“ साथ-साथ पेट पर और गिल्टी पर गीली मिट्टी लगाने से गिल्टी अच्छी हो जायगी। बुखार उतर जायगा और रोगी के प्राण बच जायंगे । पर आज कितने डाक्टर, वैद्य, दक़ीम ऐसे हैं जो प्लेग में गिरटी पर मिट्टी लगाना पसन्द करेंगे । वें तो मनसानी दवाइयां, इंजेक्शन आदि




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