पंचामृत | Panchaamrit
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
192
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)शर्मा
करमचन्द
शर्माकरमचन्द
शर्मा
करमचन्द
शर्माकरमचन्दशर्मा
करमचन्दशर्माकेरमचन्दशर्मा
करमचन्द
शर्माकरमचन्दशर्मा
करमचन्दशर्मामुझे बेवकूफ बना रहे हो?नहीं सर, में सच कह रहा हूँ।मैं जानता हूँ करमचन्द जी, आप हो हमेशा सच ही बोलते है। गधा
सो एक मै हूँ। जो आए दिन आपको जल्दी आने के लिए कहता
रहता हूँमैंने बहा न सर, तिर्फ आज-आज माफ कर दीजिए--कल से मेरी
ओर से आपको कोई शिकायत नहीं आएगी।कयो, कल बौन-सी मई मात है आपके लिए *ऐसा है हर, कल से मैं एक महीने थी छुट्टी पर णा रहा हूँ।लेकिन आपकं खाते में किसी तरह वी कोई छुट्टी बावी भी है?छोड़िए सर, जब छुट्टी पर जाना जरूरी हो जाता है तो थोड़ बाकी
नहीं देखी जाती।कया मतलब ?मेरा मतलब छुट्टी से था सर। नव भी मै छुट्टी पर जाने की बात
करता हूँ, आप छवामपाइ परेशान हो जाते है।आए दिन आपकी लीव विदाउट पे होती है। मगवान जाने आपके
घर का काम कैसे चतता है।(कवकशायद आपको मालूम नही है सर, एकं तो मै अभी तक कुवा ह
ओर दूसरा बुरा न मानना सट, मै खाना गुष््रारे की तगर मे णा
आता हूँ। तौर छोड़िये सर, अभी तो जरा जल्दी में हूँ, फिर कभी
डीटेल मे समझाऊंगा आपको ।आप अपनी सीट पर जाइए।
जा रहा हूँ सर, लेकिन मेरी निरी?चिन्ता करने की जहूरत नहीं है। वैते मैने आपकी भैर हाजिरी तमा
दी है।येक्यू सर (एकाएक क्या सर ?विलवाते स्वर थे,अपनी सीट पर जाइएजा रहा हूँ सर।(करमकन्द अन्दर माने कणाद शर्य आना लखन है
जरा सुनना करमचन्द जीमाफ करना सर 15

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