ढाणी का आदमी | Dhani Ka Admi

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Book Image : ढाणी का आदमी - Dhani Ka Admi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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पहचान दुर से ही हाथ हिलाकर नमस्कारना और रास्ता नापना सड़कीय प्रेम का प्रदर्शन इस तरह वाकई आदमी की पहचान नही हो सक्ती । चीटों की तरह मुंह मिलाकर पहचानो उसे वह भी तुम्हारी ही तरह हाड-मांत और बहती हुई ऊर्जा का स्रोत । उसकी पीठ में आँखें टौक कर देखो कहाँ रहता है, क्या ओढता-विछाता है उसका चूल्हा क्या पकाता है उसकी भगौनी का रंग उसकी थाली की आवाज़ वाकई सड़क से आदमी की पहचान नही हो सकती । तुम घुस जावो उसके घर में सलक भावो उसके आटे का पीपा ढाणी का आदमी / 17




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