इतना कुछ | Itna Kuchh
श्रेणी : काव्य / Poetry

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
483 KB
कुल पष्ठ :
114
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)धान रोपते हाथपानौ भरे सता में
शोपते है घात
मुनहर हाथ ।
घेहरों पर सतरगी
श्वेताप भानि
प्र মহ অহা
উন জান ই হীলাত म भतम
दृश्यों में झतनेगी
सदियों ही दहइुनत
भाषाम्
साठ दिना की प्रतीक्षा
जब पर गे धान
भरेंगे शा लिहान
घुनहूँते हाथों मं खनभेगा
बोठार से अन्न निवालत
परिश्रम यार अय 1
अभी तो मिटटी सन द्वार्थो मं
प्रतीक्षा है
मिट॒टी मे
राग
घान रोपत हाथ
रोपते हैं भविष्यधान रोपते हाथ / 15
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