शब्दार्थचिन्तामणि : | Shabdarthchintamani

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
17 MB
कुल पष्ठ :
318
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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मजडयपद्ातब' अन्लारि अङ्गानियय, ॥ इति त्रिष्णुपुखाणम् ॥ यद्या । ||रागदेषादिरितण्लात् चतुरमन ।
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डे सारगवभद्रे । चतस्तोङ्गलयःत्र | चतुरानन, । पु । ब्रह्मणि । अणयेनेमायसस्प्पवंशस्तशोगात् टक्तेोपि॥
अतुरब्दा । स्त्री | चत॒त्तौयण्यांगवि॥चच्वारोा 5 ब्दा धय प्रमाणसस्या |शाही यछक् । अध्यद्धतिलुक् ॥|=>चतुर्लम् । न । केाखद्!खिमटचखा
ला ऽश्वमेतसे ॥ अन्लवेतसव्र चान्त || चतुक्कष्म् । न । काम् लसत ।॥ यथा । तश्चा स्म्मोरहकथिका ।
था मवस्थिति लेक सप्यमाम, । |
परिकमन् व्योमि बित्रन्तनेत्र शशा,
रि्जिभे ऽमुदिशंमुखानीति।श्रीभा।
गवतम । चन्त रिञ्ाननन्यस्य॥ ||ठ चच्जम्नीरनिन्न् के, । चतुरग्लमि || त्थूषसे ॥ त्यु षग॑सक णाम् लं कथित ,द्पोक्तेप्रन्येभावप्रका शके ॥22২888 ১৮ লী& चतुरसख्र' । ि। चतुष्कोणे ॥ लखाश्न ,
& तुथा:टसस्थाने | जयाइतुर्थेनिष | चतुस्मेति, | पु। नारायण ॥ चतुणा £चतद््परयम् । व्येषस्येषगुणा प्रो |
फ्ाक्षप्रिक स्वत रूपणे ॥ थेপাপ পাপা শশা == क
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