सतरंगे पंखोंवाली | Satrange Pankhonwali
श्रेणी : हिंदी / Hindi

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
694 KB
कुल पष्ठ :
63
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)यह तुम थीं
१८
कर् गई चाक
तिमिर का सीना
जात की फक
यह् तुम् थी
सिकुड गई ग्ग्-ग्गण
झलस गया अग-श्रग
वनाकर ভুত জী गया पतझार
उलग भ्रसगुन-मा खेडा रहा कचनार
अचानक उमगी डानो की सपिमं
छरहरी रहनी
पोर-पोर में गसे थे टूसे
यह तुम थी
झका रहा डाले फैलाकर
कगार पर खड़ा कोढी गूलर
ऊपर उठ आई भादों की तुलझग्रा
जूडा गया बौन की छाल का स्था-रथा
यह तुम थी !
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