गुजराती साहित्य का पर्यवलोचन | Gujarati Sahitya Ka Paryvalochan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
11 MB
कुल पष्ठ :
183
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)गुजराती साहित्य में ऐतिहासिक नाटकनटवरलाल अम्बालाल व्यासमध्यकालीन गुजराती साहित्य में नाटक की रचना नहीं होती
थी। समर्थ महाकंवि प्रेमानन्द के नाम पर तीन नाटक
मिलते ह, पर भ्रव सभी ने स्वीकार कर ही लिया है कि इल
नाटकों के लेखक महाकवि प्रेमानन्द नहीं थे। सर्वप्रथम
गुजराती नाटक (लदमी' ( ई० सण १८५१ मे) कविवर
दलपतराम द्वारा लिखा गया । तदनन्तर रणश्चोडभाई
उदयराम ने कई सामजिक नाटक लिखे । गुजराती में नाटप-
साहित्य का निर्माण करने का श्रेय उन्हें ही मिलता है।
फिर भी गुणराती साहित्य में ऐतिहासिक ताटकों की कमी
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