मुर्गी का निराला बच्चा | MURGI KA NIRALA BACHCHA
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
443 KB
कुल पष्ठ :
8
श्रेणी :
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ज़ाकिर हुसैन - ZAKIR HUSSAIN
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)गज | सर झटक कर बोले “मैं जल्दी में हूँ।
मुझे राजा के महल जाना है।” अपनी नाक
चढ़ाई, पर फड़फड़ाए और चल दिए ।|कुछ दूर चले तो एक छोटा सा चश्मा मिला जिसका पानी
बडी मुश्किल से कंकर--पत्थर पर बह रहा था। पानी बोला,
“चूजू मियाँ आज मुझे उठने में ज़रा देर हो गई और मैं अपना
रास्ता साफ न कर पाया। जरा अपनी चोंच से दो-चार कंकर
तो हटा दो ताकि मैं आसानी से बह सकेँ।” मगर चूजू मियाँ
ने एक न सुनी |अपना सर झटक कर बोले, “मैं जल्दी में हूँ. मुझे राजा के
महल जाना है” अपनी नाक चढ़ाई, पर फड़फड़ाए
और चल दिए।
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