निहारिका | Niharika

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Niharika by शम्भूदयाल सक्सेना - Shambhudayal Saxena

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about शम्भूदयाल सक्सेना - Shambhudayal Saxena

Add Infomation AboutShambhudayal Saxena

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
आदान भम भाता ¢ उज्जतं ग शम भात £ तार दमी कद्र तुम भी दाका भा. प्राक फ प्यार प्रबल याद्‌ क भ्य में उद प्रभाः मेर स्याम धन अपने भाच्डादन मे मर्‌ दो सुना मेरा मेर स्वनों के शिली, भराप्रो मेरी न्द्र के सग जाति क दछमि-्मान्दर म भर जाग्र तनिक युनद्भैे रग ₹ य-गगन




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now