महाभारत भाग - 7 | Mahabharat Bhag - 7

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Mahabharat Bhag - 7  by गंगाप्रसाद शास्त्री - GANGAPRASAD SHASTRI

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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कक सं बंक ता. | धन्यवाद व्यल व्यण व्युछ प्यल ० अप ४ रसात्मा की महान कृपा से इस समय महा रत के 4 प्रकाशन का काय जिप तीत्र वेग से उुप्तपन्न | दे रहा है, उ (का सारा श्रेय आप #पालु पाठका क्र ही हैं। गत पांच मासमें तोन भागआपकी सेवामें जा चुकेईं ' अतः अब चिश्वा* ह कि सम्पूएँ मदाभारत शीघ्र ही छप बाबा सझे यद सूचित करते हुये बड़ा हप होता है कि मेरी आना पर बहुत से श्रोम्रानों ने अ।ने बहुत मे भमित्री के महाभारत का ग्राहक चनाकर “मणब्ल” की भारी सहा- यता को हैं । उसमें घड़ोदा राज्य के राज़ पण्डित काशी श निवासी राज़रत्त परिडत सहादेव! साद॒ जी शर्म्मा शास्त्रो, व्याकरणाचार्य परिडित रामेश्वरदयालु -ी ंत्रपादों चित्रकूट, परिडत फल्याणदत्त जी श्काडेस किशनगढ़ स्टेट ओर जी शर्मा ४. & 11, ४. आदद महानुभाषों का जिन्होंने समय समय पर चनाकर मण्डल की सहायता सुगरिन्डेग्ट लैएड परश्डित मद्नमोहन * चकोल चोफ के जयपुर हादिक धन्यवाद काता हू महाभारत के नवीन आहच, को हैं। भवत्ततपाकांत्ी_-- न न,




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