आत्मास्वरुप विज्ञानोंपनिषत् | Atmaswaroop Vigyanopnishat Namak Khand-i

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9 MB
कुल पष्ठ :
482
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)संश्षिप्तविषयसूचीप-पोड्शकल अम्ृतत्रह्म
-अमृतात्मखरूपपरिचय!
श्र भकरणोपसंदारसमाप्ता चेय॑ २३ प्रिच्छेदात्मिका--श्रम्नतात्मविज्ञानोपनिपत्! थमा (१)बना र् जन-अ्रव्यक्तात्मविज्ञानोपनिषत्ू-द्वितीया (२)
क->अव्यक्तात्मस्तुतिख--म्रद्म क्री विकारसष्टि
ग-बाढ,भय श्रव्यक्तात्मा
ध--अव्यक्वात्मा के तीन विवर्त्त
ढ--नियतिलं क्षण “अन्तर्य्यामी'
-च--ऋतसत्यलक्षण 'पत्रात्मा'
छू--उपलब्धिलक्षण 'वेदात्मा'
ज--त्रि:सत्यप्रजापति
आऋ--तरित्वप्रवर्तक प्रव्यक्षत्मा
अ--अव्यक्तात्मा का प्रकृतिभाव
ट--प्रकरणोप्रसंदार हा
समाप्ता चेयं ११ परिच्छेद्रात्मिका-
“अव्यक्तात्मविज्ञानोपनिषत्'-श्तिया (२)>++र२५---यज्ञात्मविज्ञानोपनिषत्-क्षती या [३]क--यज्ञात्मस्तुति:
ख--पारमेप्ख्यतत्त्वपरिचयगर--अदः, इढूँ-विवत्तें११
१४६१४६3४१-१७८
१५१
श्शरश्श्व
१४६
१६६
१६८
श्जर
२७४
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4७३१७६-२०६
१७६
१5१
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