ब्रजविलास | Brajavilasa

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Add Infomation AboutGanga Vishnu Shrikrishnadas
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
70 MB
कुल पष्ठ :
244
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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विशेषही दर्शाया है, विशेष अलापसे क्या, शीवता करो पीछे मूहय बढ़ाया जविगा, यह एस्तक
कथा बांचनेगें परभोपयोगी है धृूल्य केवड २३ २० है।
अगदाल्यीकाय शाण/यण
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उपरके अलंकारों समेत प्रतिसगेके आदि अंदका प्रतीककों एक २ श्लोक है. प्रतीककेलिये
शीकांकभी डाले गये हैं पुस्तक दो जिर्होंगें बहुत पु बँषी हें मूल्य केवछ १० रू० मात्र हे॥
अज्ञिवरक्य मंताक्षरा
पद, योजवा, भावार्थ, वालयर्थि सहित
ह धर्मशाद्ष सम्बन्धी अन्य समस्तग॒हस्थोंकों अवश्य रखनाचाहिये इसके द्वारा छोकिक काम |
धर्म पूव्वक होते हैं सर्व देशेपषकारक उत्तम्ीका हुई है, गहाशयोंमें अन्यस्तृतियों की टिप्पणी
लगाई गई हैं मिससे अन्य ग्रंथ की अपेक्षा नहीं रहती यद्यपि उक्त अलंकारों से पंथ बढ़ गया
हे तथापि मृल्यकेवल ६ र० है ॥
| आमहोस्वामे तुलसीद्मजीके पोड़श अंथ एक और अछग ९ भी मिलते हैं
| रामकथाउरागियोंके अवलोकनाथे बड़े परिश्रमसे गुसाईजी के १ अन्य सुद्वित किये हैं मूल्यथोड़ाहे॥ पुस्तक मिलनेका ठिकाना-गंगाविष्णु श्रीकृष्णदास. रक्ष्मीवेडुटेशवर छापाखाना, कल्याण-बंबई22 डापलन«>+--
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